Drug addiction
परमात्मा का विधान है कोई भी नशा करने वाला मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता और आप इस अनमोल जीवन को शराब पीने में बर्बाद कर रहे हो।
शराब एक ऐसी खतरनाक बुराई है जो बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है, तथा धन व बल दोनों का नाश करती है।
शराब के पीने से कैंसर जैसी भयानक बीमारियाँ होती हैं। इससे मनुष्य हरदम दुःखी होता है। नए नए रोग होते हैं नशे की वजह से।
मादक पदार्थों का नशा मस्तिष्क पर गहरा असर डालता है। कई मादक पदार्थ ऐसे रसायनों से लैस होते हैं जिनसे मस्तिष्क के न्यूरॉन्स हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे मस्तिष्क में संचार प्रणाली स्थाई रूप से प्रभावित हो जाती है। तंत्रिका कोशिकाएं संवाद संप्रेषित करने अथवा प्राप्त करने की क्षमता खो बैठती हैं। नशा दिमाग पर दो तरह से असर डालता है।
नशे की लत में मुब्तिला होने के कई कारण हैं- पढ़ाई में पिछड़ जाना, प्यार में असफल हो जाना, नौकरी छूट जाना, परिवार से सहानुभूति अथवा प्यार न मिल पाना, बचपन में शोषण के शिकार हो जाना तथा पारिवारिक कलह ऐसी समस्याएं हैं जिनकी वजह से कोई इंसान नशे की लत में फंस जाता है।
भगवान के संविधान अनुसार एक बार शराब पीने वाले के 70 जन्म कुत्ते के होते हैं।
नशा की लत को कैसे दूर करे
सच्चे सतगुरु के सत्संगों से हमें पता चलता है कि एक ऐसा परमात्मा है जो भयंकर से भयंकर रोग को ओर नशे की लत को समाप्त कर देता है
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टी वी पर रात्रि 7.30 से 8.30 पर
http://www.jagatgururampalji.org/
शराब एक ऐसी खतरनाक बुराई है जो बसे बसाए खुशहाल परिवार को भी उजाड़ देती है, तथा धन व बल दोनों का नाश करती है।
शराब के पीने से कैंसर जैसी भयानक बीमारियाँ होती हैं। इससे मनुष्य हरदम दुःखी होता है। नए नए रोग होते हैं नशे की वजह से।
मादक पदार्थों का नशा मस्तिष्क पर गहरा असर डालता है। कई मादक पदार्थ ऐसे रसायनों से लैस होते हैं जिनसे मस्तिष्क के न्यूरॉन्स हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे मस्तिष्क में संचार प्रणाली स्थाई रूप से प्रभावित हो जाती है। तंत्रिका कोशिकाएं संवाद संप्रेषित करने अथवा प्राप्त करने की क्षमता खो बैठती हैं। नशा दिमाग पर दो तरह से असर डालता है।
नशे की लत में मुब्तिला होने के कई कारण हैं- पढ़ाई में पिछड़ जाना, प्यार में असफल हो जाना, नौकरी छूट जाना, परिवार से सहानुभूति अथवा प्यार न मिल पाना, बचपन में शोषण के शिकार हो जाना तथा पारिवारिक कलह ऐसी समस्याएं हैं जिनकी वजह से कोई इंसान नशे की लत में फंस जाता है।
भगवान के संविधान अनुसार एक बार शराब पीने वाले के 70 जन्म कुत्ते के होते हैं।
नशा की लत को कैसे दूर करे
सच्चे सतगुरु के सत्संगों से हमें पता चलता है कि एक ऐसा परमात्मा है जो भयंकर से भयंकर रोग को ओर नशे की लत को समाप्त कर देता है
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टी वी पर रात्रि 7.30 से 8.30 पर
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